Friday, June 19, 2026

अच्छे दिन आ गए, चोर हुए ईमानदार

 


देश में अच्छे दिन वास्तव में आ गए। मोदी सरकार का कार्यकाल शुरू होने के बाद कोई न सुधरा हो पर चोर जरूर सुधर गए। परिवर्तन की बयाबिहार से आ रही है। यहां के नेता पशुओं का चारा तक खाने के लिए मशहूर रहे हैं। यहां के नेता तो अभी नहीं सुधरे पर लगाता है कि चोर सुधर गए। वे सच बोलन लगे । सांसद गिरी राज के पटना आवास से चोरी हुई। उन्होंने रिपोर्ट पचास हजार रुपये मात्र की चोरी की लिखाई। पुलिस ने चोरों को गिरफ्तार किया । सांसद 50 हजार की चोरी की बात कर रहे थे। पुलिस को चोरों से दो करोड़ के आसपास रुपया और माल मिला। किसी व्यापारी का या अन्य का मौका होता तो पुलिस उतनी ही रकम दिखाती, जितनी चोरी की बताई गई है ।रिपोर्ट में ?लिखाई गई  है। बाकी सब आपस में बंदरबाट कर लेती। भाजपा सांसद का मामला था। सो उसने पूरी बरामद रकम दिखा दी। अब सांसद जी कह रहे हैं कि मेरी रकम तो 38 हजार ही थी। बाकी रकम उनके रिश्तेदार की थी। भाई यह बात तो चोरी की रिपोर्ट के समय भी कही जा सकती थी। बताया जा सकता था कि चोरी दो करोड़ रुपये के आसपास की है।


अब ऐसा ही मामला लालू यादव के साले साधु यादव का रहा। उनके आवास से भी चोरी हुई। चोरी में कितना रुपया और माल गया । वह चोरी के 36 दिन बाद तक भी वे नही बता सके। किंतु चोर जरूर सत्यवादी निकले। उन्होंने कबूला कि उन्होंने चोरी में 80 लाख रुपये ही नहीं चुराए।करोडों के जेवरात बरामद किए।अब नेता जी कह रहे है कि ये माल उनके एक रिश्तेदार का है।


राजनीति भी क्या चीज है। नेेता किसी भी दल का हो , उसके यहां से चोरी जाने वाला माल रिश्तेदार का ही होता है। रिश्तेदार है कि नेता जी घर को ज्यादा सुरक्षित समझ अपना माल नेता जी को सौप देते हैं। उनके घर रख देतें हैं।ये नेता जी की ईमानदारी की बात है कि वे देखना पसंद नही करतें कि रिश्तेदार क्या माल रख गए है ।कितना कीमती माल उनके घर में छोड़ गए हैं।


दिल्ली पुलिस को बिहार पुलिस से सीख लेकर मंत्री जी के चोरी गए दोनों कटहल को खोजने में तेजी दिखनी चाहिए। हो सकता है कि मंत्री जी को पता न हो और उनसे रिश्तेदार कटहल के कवर में छिपाकर अपने करोडों के हीरे जवाहरात उनके यहां पेड़ पर टांग गए हो। हो सकता है कि मंत्री जी को इन बिहार के नेताओं की तरह पता न हो कि क्या गया है?

सरकार को एक काम और करना चाहिए कि बिहार पुलिस के अधिकारी बुलाकर उनसे उत्तर प्रदेश के मंत्री के भैंस चोरी प्रकरण की जांच गंभीरता करानी चाहिए। हो सकता है कि मंत्री जी की भैंस चोरी न गई हों। उनके रिश्तेदार जो माल रख गए हों , उसे वे मंत्री जो को भैंस बता गए हों। जबकि गया कुछ और ही हो।


अशोक मधुप


22/07/2014





No comments: