Saturday, June 20, 2026

बापू के बंदर मत बनिए

17/09/2021

अशोक मधुप

संयुक्त राष्ट्र संघ अफगानिस्तान को लेकर चिंतित है। अन्य महाशक्ति की चिंता भी अफगानिस्तान को लेकर है।संयुक्त राष्ट्र संघ के  प्रमुख एंथोनी एंटोनीम गुटेरेस ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय से अपील की है कि वे  अफागनिस्तान  के लोगों की मदद करें तत्काल जीवन रक्षक सहायता उपलब्ध कराएं। संयुक्त राष्ट्र संघ के साथ चीन और पाकिस्तान को अफगानिस्तान के लोगों की चिंता है पंजशेर की किसी को चिंता नहीं। 15 दिन से ज्यादा समय से तालिबान पंजशेर  को चारों ओर से घेरे हुए हैं। वहां  का भोजन −पानी दवा और जरूरत के सामान की  आपूर्ति बंद  है। लोगों का कत्लेआम किया जा रहा है। इनका किसी को ध्यान नहीं है।पंजशेर वासी  किस हालत में जी रहे हैं, इससे किसी को लेना देना नहीं। वहां चल रहे युद्ध को रोकने के लिए कोई अपील नहीं कर रहा।पाकिस्तान सेना तालिबान की मदद के लिए पंजशेर घाटी में  अपने विमान  से  बम डाल रही है। उसे कोई नहीं देख रहा। सारी शांति बनाए रखने का  दंभ भरने वाली शक्ति यहां शिखंडी बनी दीख रही  हैं।

पंजशेर घाटी के रहने वाले युद्ध नहीं चाहते। वह शांति से जीना  चाहतें हैं । बस तालिबान की गुलामी उन्हें स्वीकार नही है। वे अपनी आजादी के लिए लड़ रहे हैं। अपनी आजादी के लिए लड़ने वालों की मदद  के लिए  दुनिया और उसकी महाशक्ति आगे क्यों नही आ रहीं। दुनिया के खुदाई  खिदमतगार बने देश  चुप क्यों हैं उनकी मदद के लिए क्यों नहीं आगे आ रहे। ऐसी क्या मजबूरी है कि इरान के अलावा कोई भी देश उनके पक्ष में बोलने को तैयार नहीं। वहां अकारण  खून बहाया जा रहा है ,ज्यादति  हो रही है तो सब देख रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र संघ के वीटो पावर धारक पांचो मठाधीश बापू के बंदर  क्यों बने बैठे हैं

पंजशेर से आ रही रिपोर्ट के अनुसार तालिबान ने वहां हाल में बीस लोगों को  निर्ममता के साथ मार डाला।  मारे जाने वाले बीस लोगों  में  एक दुकानदार भी शामिल है। लोगों का कहना है कि तालिबान उन आम  नागरिक को मार रहे हैं, जिनका जंग से कोई लेना-देना नहीं

 उधर अफगानिस्तान में सत्ता पाने के एक माह के अंदर ही तालिबान 20 साल पुरानी हालत में पहुंच गया। महिलाओं को सरेआम पीटा जा रहा है। राजधानी काबुल में एक महिला को घेर कर पीट रहे तालीबानी की तस्वीर सामने आई है। यह महिला प्रदर्शनकारियों में शामिल थी कि तालिबान ने घेर लिया। उसे कोड़ो और लाठियों से पीटा गया। लोगों को घरों से निकालकर मारा जा रहा है। तालिबान को पुरानी सरकार के मददगारों की तलाश कर रहे हैं।

पाकिस्तान और चीन अफगानिस्तान की तालिबान सरकार को अप्रत्यक्ष रूप से मदद तो कर ही रहे हैं। साथ ही  तालिबान सरकार को मान्यता    देने की अपील कर रहे हैं। इस मामले में पाकिस्तान खुलकर लगा हुआ है ।

एक और यह हालत है। वहीं अफगानिस्तान के  लगभाग एक दर्जन राजदूतों ने विश्व के नेताओं से तालिबान को सरकार को मान्यता  न देने की अपील की है। उनकी इस अपील ने   पूरी  दुनिया को चौंका दिया है। शायद यह दुनिया की पहली घटना है जो किसी देश के दुनिया के एक दर्जन देशों में कार्य कर रहे  राजदूत   अपने ही देश की नई सरकार को मान्यता न देने की अपील कर रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र, अमेरिका ,  फ्रांस तुर्की समेत एक दर्जन से ज्यादा देशों में  तैनात अफगानिस्तान के राजदूत ने  पिछले 20 साल से अफगानिस्तान के विकास में सहायता कर देशों से  कहा है कि आपका अफगानिस्तान के विकास में योगदान रहा है। ऐसे में आप यहां की  तालिबानी सरकार को मान्यता ना दें।

 पाकिस्तान  ने  तालिबान की  किस तरह से मदद की , ये पूरी दुनिया के सामने खुलकर आ गया है। तालिबान की विजय पर पाकिस्तान में खुशियां मनाई जा रही  हैं । विजय जुलूस निकाले जारह हैं। ये   विजय जुलूस यह बताने के लिए काफी हैं, जो कुछ हुआ उसके लिए वह जिम्मेदार है, उसका हाथ रहा है। पंजशीर घाटी में तो तालिबान के समर्थन में वायुयान से बम वर्षा कर उसने अपने को पूरा नंगा कर दिया।

इतना सब होने के बाद भी दुनिया क्यों खामोश है  पूरी दुनिया से आतंकियों को नेस्तनाबूद करने की शपथ लेने  वाला अमेरिका और उसके मित्र राष्ट्र क्यों चुप हैं अफगानिस्तान के घटनाक्रम को देखकर आखें क्यों मूंदे हैं। क्यों बापू के बंदर बने  हैं  

समय सब देख रहा है। वह किसी को माफ नहीं करता। अफगानिस्तान में कौन क्या कर रहा है, उसकी जानकारी में है। जो  देश  यहां के हालात पर आज मौन साधें हैं,आने वाले समय में उन्हें  अपनी चुप्पी  का जवाब देना होगा। अपराधी , आतंकवादी ,तालिबानी किसी के सगे नहीं हैं। ये वे भस्मासुर हैं जो वरदान  देने वाले  पर ही प्राप्त हुई शक्ति प्रयोग कर देखते  हैं।

इसलिए अच्छा है कि सब उठे। पंजशेर के लड़ाकों की मदद करें। उनके हाथ मजबूत करें। उनकी सहायता करें। जरूरत का सामान, भोजन, दवा अर आवश्यक वस्तु तुरंत उपलब्ध करांए। तालिबान सरकार की सहायता करने के लिए उसके मददगार पाकिस्तान और चीनी ही काफी है। उन दोनों को तालिबान की  मदद करने  दीजिए।आप पंजशेर के लोगों का जरूरत का सामान उपलब्ध कराइये।

अशोक मधुप

( लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं)

 

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