Friday, June 19, 2026

अन्ना का आंदोलन

  सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे  अपना अनशन कर केंद्र से लोकपाल अधिनियम के लिए कमेटी बनवाने में कामयाब हो गए। उनके लगभग एक सौ घंटे के आदेालन में देश के करोड़ों लोगों  का उनके साथ जुड़ जान एक बड़ी उपलब्धि है। आदेालन के दौरान ऐसा लगा कि जैसे पूरा हिंदुस्तान उनके पीछे आकर खड़ा  हो  गया हो।

उनके पीेछे जनता के खड़े हो जाने का सबसे बड़ा कारण जनता में लंबे समय से व्याप्त निराशा थी। देश में चारों ओर फैले भ्रष्टाचार, लूटमार बंइर वाट और भाई भतीजावाद से जनता तृस्त थी।  इसके विरूद्ध अब तक कोई प्रभावशाली आवाज नहीं उठी थी। सब देश में फैले भ्रष्टाचार को अपनी नियति मान चुके   थे। आम आदमी के दिल में यह बात घुंसपैठ कर गई थी कि इसका अंत संभव नही हैं।

अन्ना के आंदेालन केा एक व्यापक समर्थन का मिलना आम आदमी में फैले आक्रांें श को व्यक्त करता है। अन्ना के आंदोलन पर आने से जनता को भ्रष्टाचार के विरूद्ध बोलने के लिए एक प्लेटफार्म मिला। लोगों को एक लोकानायक  मिला जो मजबूती के साथ  अपनी बात बंुलद करने में सक्ष्म था। जब वह जंतर मंतर पर आर अनशन पर बैठे थे, तब कुछ ही लोग उनके साथ थे और बाद में धीरे धीरे एक कारवां बन गया। एक शहर जंतर मंतर में तब्दील हो गया। जगह जगह उनके समर्थन में अनशन प्रदर्शन होने लगे। और केंद्र सरकार को झुकने के लिए मजबूर होना पड़ा।  

04/10/2011



No comments: