Friday, September 18, 2026

कमाल, एक छोटे से गांव में एम डी डाक्टर



चिकित्सा जगत में बड़ा नाम है डा आर पी त्यागी

अशोक मधुप

बिजनौर,प्रत्येक छोटा मोटा डाक्टर शहर में जाकर निंसग होम बना कर धन कमाने में लग जाता है किंतु जनपद में एक चिकित्सक ऐसें भी हैं,जो एम डी होने ke बाद भी एक छोटे से गांव में चिकित्सा सुविधा देने में लगे हैँ और वह भी तब से जब एमडी खोजे भी नही मिलते थे।

जनपद े चिकित्सा जगत में डा राम प्रसाद त्यागी जाना माना नाम है। उनकी सरलता े सब प्रशंसक है। दूर दूर तक हृदय रोग विशेषज्ञ े रूप में उनकी ख्याति है। ग्राम रतनगढ़ े रहने वाले डा त्यागी ने 1985 में एम डी किया। 86 में दिल्ली े दीनदयाल होस्पिटल हरिनगर में सीनियर रेसिडेंट हुए। यहीं कार्य करने े दौरान शनिवार की शाम को अपने पैत्रक गांव रतनगढ़ आ जाते और अपने गांव में रविवार को मरीज देखते। धीरे धीरे गांव े प्यार ने जोर मारा और अपने गांव में आकर पे्रिक्टस शुरू कर दी। 86 में इस गांव की आबादी दो हजार े आसपास रही होगी।

आज डा त्यागी का दूर दूर तक बड़ा नाम है । सबेरे वे मरीज देखना शुरू करते हैं और देर शाम तक उनका कार्य जारी रहता है। आसपास के ही नहीं दूर-दूर े मरीज भी उने पास उपचार को आते हैं। इसीजी और एक्सरे की सुविधा उने पास है। गंभीर मरीजों े रूकने का भी प्रबंध है। वे बताते हैं कि उन्होंने सन 86 में जब गांव में मरीज देखना शुारू किया था तो पांच रूपया फीस लेते थे। वे कहते हैं कि एक लड़का एक दिन आकर बोला सर मै मैडिकल स्टोर खोल लू ंऔर उन्होंने हां कर दी। बिजनौर े पास े एक युवक ने कहा कि वे रक्त आदि े नमूने टैस्ट े लिए बिजनौर ले जाने का काम करना चाहतें हैं। डाक्टर त्यागी कहते हैं कि मैने उनसे कहा कि वह टैस्ट बहुत कम और बेहद जरूरी ही लिखते हैँ, किंतु वह नहीं माना और उसने यह काम करना शुरू कर दिया।

वे कहते है कि आदमी आदमी की सोच है। इंसान तो यहां गांव में भी रहते हैँ। इनको भी अच्छे उपचार की जरूरत है। उन्होंने चिकित्सा कार्य े शुरूआत े दिन में देखा और महसूस किया कि सब डाक्टर शहर की ओर भाग रहे हैँ उन्होंने सोचा ऐसे में देहात में कौन चिकित्सा सुविधा देगा। औेर फिर यहां काम शुारू कर दिया।

उनका मानना है कि शहर से ज्यादा गांव को योग्य चिकित्सकों की जरूरत हैं। वे कहते है कि आज रूरल चिकित्सक बनाये जाने की बात हो रही है। उन्हें साढे़ तीन साल में डिगरी देकर देहात में तैनात किया जाएगा। डा त्यागी का मानना है कि देहात हो या शहर सब जगह योग्य व्यिक्त चाहिए। देहात में दोयम दर्ज े आदमी नहीं रहते। उन्हें भी बढिया उपचार की जरूरत है।

युवा पीढ़ी को संदेश पर वे कहते हैं कि आदमी को अपने व्यवसाय और समाज े प्रति इर्मानदार होकर काम करना चाहिए। बाकी सब ईश्वर पर छोड़ दिया जाए तो कभी परेशानी नहीं होगी। यह बात चिकित्सा जगह में नही सभी क्षेत्र में लागू होता है। ह़दय रोग े बचाव े लिए बह सबको सलाह देते हैं ज्यादा से ज्यादा हरी सब्जी और सामर्थ े अनुसार ज्यादा से ज्यादा ताजे फल खाओ।



बिजनौर, डा राम प्रकाश त्यागी रतनगढ़ के जमींदार परिवार से है। इने दो बेटी और एक बेटा है। दोनों बेटी बीडीएस कर रही है और लड़का एमबीबीएस कर रहा है। उनका इरादा बेटे को भी देहात में ही अपने साथ प्रेक्टिस कराने का इरादा है।

अशोक मधुप

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