


हाल में एक तालाब मे सारस के दो जोडे देखने पर मैने इस पक्षी के बारे में जानकारी की तो पता चाला कि उत्तर प्रदेश में इनकी संख्या २५०० के आसपास है। इस दौरान मेरे मि़त्रों ने मुझै बताया कि यह पक्षी बिजनौर जनपद में बहुतायत में पाया जाता है। बिजनौर नगीना मार्ग से नहटोर की साइड में बहुत से तालाब हैं जहां यह मिलता है।
आज मुझे बिजनौर नगीना मार्ग पर शादीपुर बस स्टेंड से नरगदी नवादा के जाने वाले मार्ग पर जाना पडा । इस मा्र्ग के कुछ तालाब में मुझे कई सारस के जोडे देखने को मिले। लौटते हुए बिजनोर नगीना मार्ग के बांई साइड के तालाब में तीन सारस मिलें। गांव वालों ने बताया कि यह तो यहां बडी तादाद में तालाबों में मिलता हैं, पर एक बात है पक्षी बहुत ही खूबसूरत है। उडने वाला सबसे बडा पक्षी माना जाता हैं।
अच्छा लिखा आपने सारस के बारे मैं, कभी बिजनोर आए तो ज़रूर देंखेगे,
ReplyDeleteये तस्वीरें बिजनौर की ही हैं क्या?
ReplyDeleteभाई उडनतशतरी जी आपका इस ब्लाग पर आने पर स्वागत। ब्लाग पर सारस के सारे चि़त्र बिजनौर जनपद के हैं एवं सब मेरे द्वार ही लिए गए है।
ReplyDeleteपुन: आभार
अशोक मधुप
to phir kab bula rahe hain
ReplyDeleteअच्छी जानकारी
ReplyDeleteतस्वीरें बिजनौर देखने के लिये आकर्शित करती हैं धन्यवाद इस जानकारी के लिये।
ReplyDeleteसुंदर फोटोग्राफी. अच्छी जानकारी.
ReplyDeleteसुन्दर तस्वीरें और बढिया जानकारी.
ReplyDeleteBehad sundar tasveeren hain!
ReplyDeleteभाई सहसपुरिया जी
ReplyDeleteआपने लिखा है कब बुला रहे हैं। एक गीत की पंक्तियों के माध्यम से मै अपनी बात कहना चाहूंगा:_
तुझे निमंत्रण नही लिखूंगा इसीलिए,
बिना बुलाए आेन को फिर कौन रहेगा।
मैने बहुधा यह देखा है
बुलवाने सें तन आतें हैं,
पर ये भी अफवाह सही है
बिना बुलाए मन आतें हैं,
इसी लिए तौ मैने तुझको
कोई नही निमंत्रण भेजा
बंदकर दिया अपने घर का हर दरवाजा
सांकल खटकानें को आखिर कौन रहेगा,
बिना बुलाए आेन को फिर कौन रहेगा।
सादर
अशोक मधुप